Friday, July 24, 2026
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CM ने किया 50 वीं राष्ट्रीय जूनियर कबड्डी चौंपियनशिप का शुभारंभ,बड्डी में सिर्फ शारीरिक दमखम ही नहीं, मानसिक रूप से मबजूती की भी होती है जरूरत- मुख्यमंत्री


 

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को इंडोर स्टेडियम रोशनाबाद हरिद्वार में उत्तराखंड कबड्डी एसोसिएशन द्वारा आयोजित 50वीं राष्ट्रीय जूनियर कबड्डी चौंपियनशिप का शुभारंभ किया। उन्होंने देशभर से आए सभी खिलाड़ियों एवं खेल प्रेमियों का देवभूमि उत्तराखंड में स्वागत करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड को राष्ट्रीय जूनियर कबड्डी चौंपियनशिप की मेजबानी करने का अवसर प्राप्त होना गर्व की बात है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि कबड्डी हमारे देश का प्राचीन खेल होने के साथ-साथ एक विशिष्ट खेल भी है। इस खेल में सफलता के लिए जहां एक ओर खिलाड़ी की फुर्ती, ताकत और गति महत्वपूर्ण होती है वहीं दूसरी ओर खिलाड़ियों में धैर्य और टीम स्पिरिट की भी आवश्यकता होती है। इसमें सिर्फ शारीरिक दम-खम ही नहीं बल्कि मानसिक मजबूती की भी जरूरत पड़ती है। उन्होंने कहा कि वे भी अपने स्कूल के दिनों में कबड्डी खेला करते थे।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में हमारा देश हर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। इसी क्रम में, आज भारत खेलों के क्षेत्र में भी लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक समय था, जब खिलाड़ियों के चयन में भाई-भतीजावाद होता था, अच्छे खिलाड़ियों को मौका कम मिलता था, पारदर्शिता से चयन नहीं होता था, किन्तु नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद इसमें पारदर्शिता आई और होनहार खिलाड़ियों को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। वर्तमान में देश-दुनिया के अन्दर कोई खेल प्रतियोगिता होती है तो देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ीयों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उनसे मिलकर उनका हौंसला बढाते हैं। खिलाड़ी पदक जीतते हैं तब भी और पदक जीतने से वंचित रह जाने के बाद भी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का कार्य प्रधानमंत्री करते है।

 

उन्होने कहा कि खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जहां एक ओर फिट इंडिया मूवमेंट और खेलो इंडिया योजना शुरू कीं, वहीं दूसरी ओर देश में एक मजबूत स्पोर्ट्स इकोसिस्टम की नींव भी रखी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार प्रदेश में खेल संस्कृति विकसित करने के साथ-साथ खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का प्रयास भी कर रही है। प्रदेश में जहां एक ओर नई खेल नीति लागू कर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक लाने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने की व्यवस्था की गई है, वहीं प्रदेश के आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों में खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण, शिक्षा, आवास, भोजन व किट आदि भी प्रदान किए जा रहे हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 8 वर्ष की उम्र से ही प्रतिभावान बच्चों को तैयारी करने के लिए खेल-छात्रवृत्ति देने, खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण पुनः लागू करने एवं प्रदेश के खिलाड़ियों को दी जाने वाली पुरस्कार राशि को दोगुना करने जैसे अनेकों निर्णयों के माध्यम से प्रदेश के खिलाड़ियों को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। शीघ्र ही राज्य में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना की जायेगी। जिससे हमारे प्रदेश के खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, सुविधाएँ और अधिक अवसर प्राप्त हो सकेंगे।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे इन प्रयासों का ही परिणाम है कि आज उत्तराखंड, देवभूमि के साथ-साथ खेलभूमि के रूप में भी अपनी पहचान स्थापित कर रहा है। हम सभी के लिए यह भी हर्ष का विषय है कि आगामी 28 जनवरी से उत्तराखंड में 38वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन होने जा रहा है। इस आयोजन के लिए राज्य सरकार द्वारा अवस्थापना सुविधाओं के विकास में लगभग 500 करोड़ रुपये खर्च किये जा रहे हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नए खेल मैदानों का निर्माण करने के साथ पहले से बने स्टेडियमों का पुनर्निर्माण किया जा रहा है। वाटर स्पोर्ट्स के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने और साइकिलिंग ट्रैक का निर्माण करने के साथ ही शूटिंग रेंज को अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया गया है। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से इस बार के राष्ट्रीय खेलों को ‘ग्रीन गेम्स’ की थीम पर आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस आयोजन के दौरान खिलाडियों को निर्मल मां गंगा के सानिध्य में आध्यात्मिक ऊर्जा भी प्राप्त होगी।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शीतकालीन यात्रा पहली बार शुरू की गई है। गर्मियों में पूरे देश के लोग आते है। गर्मी में यहां का मौसम बहुत अच्छा होता है, शु़द्ध हवा व पानी, तापमान भी कम रहता है। सर्दियों में जहां मैदानी क्षेत्रों में घना कोहरा रहता है, धूप नहीं मिलती ऐंसे समय पहाड़ों पर प्रतिदिन धूप देखने को मिलती है। बर्फ से ढ़की चोटियां शानदार लगती हैं, नई ऊर्जा, उमंग, उत्साह पैदा करती है इससे अध्यात्म एवं शान्ति की प्राप्ति होती है। उन्होंने देश की जनता का आह्वान किया कि शीतकालीन चारधाम यात्रा के लिये उत्तराखण्ड आएं और धूप का भी आनन्द लें।

 

इस अवसर पर जिलाधिकारी कर्मेन्द्र सिंह, एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल, एचआरडीए उपाध्यक्ष अंशुल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे, राष्ट्रीय कबड्डी एसोसिएशन के अध्यक्ष देवी सिंह गहलोत, उत्तराखंड कबड्डी एसोसिएशन के अध्यक्ष महेश जोशी, उत्तरांचल ऑलपिक एसोसिएशन के महासचिव डीके सिंह, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, पूर्व विधायक कुंवर प्रणब सिंह चौम्पियन, संजय गुप्ता, देशराज कर्णवाल, सुरेश राठौर, सहित अन्य व्यक्ति एवं खिलाडी उपस्थित थे।



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