देहरादून

टेबल टैनिस खिलाड़ी स्तुति कुकरेती की प्रतिभा को श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय ने किया सम्मानित


देहरादून। श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल, रेसकोर्स की मेधावी छात्रा स्तुति कुकरेती ने टेबल टेनिस में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एसजीआरआर पब्लिक स्कूल रेसकोर्स और उत्तराखण्ड की बेटियों का नाम रोशन किया। मसूरी स्थित सेंट जॉर्ज कॉलेज में आयोजित 19वीं मेनोराइट इन्विटेशनल टेबल टेनिस प्रतियोगिता में स्तुति कुकरेती ने अंडर-19 वर्ग में खिताबी जीत हासिल की। इस उपलब्धि पर श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के माननीय प्रेसीडेंट श्रीमहंत देवेन्द्र दास महाराज ने स्तुति कुकरेती को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। बुधवार को दरबार साहिब में आयोजित सम्मान समारोह में उन्होंने स्तुति को ₹25,000 (पच्चीस हज़ार रुपये) का चेक प्रदान कर सम्मानित भी किया।

काबिलेगौर है कि मसूरी में आयोजित प्रतियोगिता में 17 प्रतिष्ठित स्कूलों के 130 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। अंडर 19 बालिका वर्ग के फाइनल मुकाबले में स्तुति ने वेल्हम गर्ल्स की रिहा ममगाईं को स्ट्रेट सेट्स में 3-0 से पराजित कर विजेता बनने का गौरव प्राप्त किया। विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों और सहपाठियों ने भी स्तुति की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

एसजीआरआर पब्लिक स्कूल रेसकोर्स की प्रधानाचार्य प्रतिभा अत्री ने स्तुति की उपलब्धि पर हर्ष जताते हुए बताया कि वह न केवल पढ़ाई में उत्कृष्ट हैं, बल्कि खेल के क्षेत्र में भी निरंतर सफलता अर्जित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि एसजीआरआरग ग्रुप के अन्र्तगत संचालित एसजीआरआर एजुकेशन मिशन के स्कूलों के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को हर स्तर पर सम्मान और प्रोत्साहन प्रदान किया जाता है। प्रधानाचार्य ने बताया कि यह उपलब्धि श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के माननीय प्रेसीडेंट श्रीमहंत देवेन्द्र दास महाराज के कुशल मार्गदर्शन का प्रतिफल है, जिसके अंतर्गत एसजीआरआर विश्वविद्यालय और एसजीआरआर ग्रुप के अन्तर्गत संचालित मिशन से जुड़े छात्र-छात्राएं शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं खेलकूद जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रदर्शन कर रहे हैं। स्तुति के पिता सुयश कुकरेती अधिवक्ता हैं जबकि माता कल्पना कुकरेती उत्तराखण्ड राज्य सरकार की सेवा में कार्यरत हैं। विद्यालय के शारीरिक शिक्षक अनिल चंद्र कंडवाल ने स्तुति को प्रतियोगिता हेतु मार्गदर्शन प्रदान किया तथा प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। स्तुति की इस उपलब्धि से विद्यालय में खुशी और गर्व का माहौल है, वहीं उनके साथी छात्र-छात्राएं भी इससे प्रेरित और उत्साहित हैं।



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