Uncategorized

उत्तराखंड में वोट चोरी का मामला गरमाया, कांग्रेस ने लगाए बड़े आरोप, पेश किए सबूत


कांग्रेस पार्टी ने देशभर में चुनावों में कथित वोट चोरी के मुद्दे को प्रमुख रूप से उठाते हुए अब उत्तराखंड में भी इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने प्रदेश में बड़े पैमाने पर वोटों में हेराफेरी और धांधली के आरोप लगाए हैं। खासतौर पर केदारनाथ उपचुनाव को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर सीधा हमला बोला है और आंकड़ों के साथ सबूत पेश किए हैं।

कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) के सदस्य गुरदीप सिंह सप्पल ने बताया कि “मेरा वोट, मेरा अधिकार” अभियान के तहत एक जांच कमेटी बनाई गई है, जिसमें पंकज क्षेत्री, डॉ. प्रेम बहुखंडी और अभिनव थापर शामिल हैं। इस कमेटी ने जनजागरण अभियान चलाकर वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों की पड़ताल की और 2000 से अधिक RTI दाखिल करने का लक्ष्य रखा। जनता के सहयोग से कांग्रेस को 2503 RTI का डाटा प्राप्त हुआ है, लेकिन चुनाव आयोग की ओर से अब तक केवल 136 जवाब ही मिले हैं, जिनमें अधिकांश अधूरी या भ्रमित करने वाली जानकारी दी गई है।

सप्पल ने यह भी बताया कि इस प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस को कई बाधाओं का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि जैसे ही RTI की संख्या बढ़ने लगी, पोस्ट ऑफिस से ₹10 के पोस्टल ऑर्डर अचानक गायब हो गए, जिससे आवेदन प्रक्रिया प्रभावित हुई। यदि ये रुकावटें न आतीं, तो आवेदन संख्या 10,000 के पार हो सकती थी।

कांग्रेस का आरोप है कि अगस्त 2024 की मतदाता सूची से देहरादून नगर निगम चुनाव में करीब 96,000 नाम हटा दिए गए। चुनाव से ठीक तीन दिन पहले 32,000 और नाम काट दिए गए। संविधान का अनुच्छेद 326 यह अधिकार देता है कि 18 वर्ष से अधिक आयु का हर नागरिक वोट डाल सकता है, लेकिन इस तरह से नाम काटने की कार्रवाई पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाती है।

केदारनाथ उपचुनाव पर बोलते हुए सप्पल ने कहा कि भाजपा को यह आशंका थी कि कांग्रेस वहां जीत दर्ज कर सकती है। इसलिए चुनाव से पहले 8,500 नए वोट जोड़ दिए गए और 4,000 से ज्यादा नाम हटा दिए गए। इस प्रक्रिया की न तो कोई पारदर्शिता थी और न ही आयोग की ओर से कोई संतोषजनक जवाब आया है।

कांग्रेस अब इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाने की तैयारी में है। गुरदीप सिंह सप्पल ने कहा, “यह सिर्फ वोटों की चोरी नहीं, बल्कि लोकतंत्र की डकैती है। भाजपा हर स्तर पर मतदाता सूची से छेड़छाड़ कर रही है।” उन्होंने यह भी कहा कि 2027 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस कोई गड़बड़ी नहीं होने देगी और प्रदेश में अपनी सरकार बनाएगी।

प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने भी कहा कि जिस तरह हरियाणा और महाराष्ट्र में वोटों की हेराफेरी के मामले सामने आए, उसी तरह उत्तराखंड में भी विधानसभा और निकाय चुनावों में बड़े पैमाने पर वोट चोरी हुई है, जिसके पुख्ता प्रमाण कांग्रेस के पास मौजूद हैं।कांग्रेस ने भाजपा पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया है और दावा किया है कि वह जनता को उनका वास्तविक मतदान अधिकार दिलाने के लिए पूरी ताकत से लड़ाई लड़ेगी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *