आपदा से जूझ रहे उत्तराखंड के लिए ₹5702 करोड़ की मांग, केंद्र की टीम ने किया नुकसान का जायजा; PM मोदी 11 सितंबर को कर सकते हैं दौरा
उत्तराखंड में इस बार भारी बारिश और आपदाओं के चलते राज्य को गंभीर आर्थिक क्षति हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड सरकार ने केंद्र सरकार से ₹5702 करोड़ के आर्थिक राहत पैकेज की मांग की है। राज्य सरकार ने गृह मंत्रालय को एक मेमोरेंडम सौंपा है, जिसमें प्रदेश में हुई क्षति की विस्तृत रिपोर्ट शामिल है।
अब केंद्र सरकार की एक उच्चस्तरीय टीम उत्तराखंड के दौरे पर पहुंच गई है ताकि आपदा से हुए नुकसान का आकलन किया जा सके। यह टीम प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और केंद्रीय गृह मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर केंद्र सरकार राहत पैकेज को लेकर अंतिम निर्णय लेगी।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आगामी 11 सितंबर को उत्तराखंड के आपदा प्रभावित क्षेत्रों, विशेषकर उत्तरकाशी, का दौरा कर सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक शासन स्तर पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
केंद्रीय टीम उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी गढ़वाल, बागेश्वर, नैनीताल और चमोली जिलों का दौरा करेगी। इस टीम का नेतृत्व गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव आर. प्रसन्ना कर रहे हैं। उनके साथ शेर बहादुर (अनुसंधानकर्ता), अभियंता सुधीर कुमार, विकास विभाग के उपनिदेशक पंकज सिंह (मुख्य अभियंता) और वीरेंद्र सिंह (निदेशक) भी टीम में शामिल हैं। ये सभी अधिकारी जमीनी स्तर पर जाकर हालात का गहन निरीक्षण करेंगे।
उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन पहले ही इन अधिकारियों के साथ बैठक कर चुके हैं। टीम के दौरे के बाद देहरादून में एक समन्वय बैठक आयोजित होगी, जिसमें राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के सचिव, केंद्रीय टीम को विस्तृत जानकारी देंगे।
केंद्रीय टीम अपनी रिपोर्ट तैयार कर दिल्ली लौटेगी और केंद्र सरकार को उत्तराखंड की स्थिति से अवगत कराएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर ही राहत राशि का आवंटन किया जाएगा।
बीजेपी के प्रदेश प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी का प्रस्तावित दौरा पहाड़ों में आई आपदा के बाद हालातों का जायजा लेने के उद्देश्य से हो सकता है।
