हाईकोर्ट ने निदेशक को 6 हफ्ते में समीक्षा का निर्देश दिया – Apnu Uttarakhand
नैनीताल – उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राजकीय आदर्श प्राइमरी स्कूल की प्रधानाध्यापक कल्पना तिवारी के तबादले से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए निदेशक बेसिक शिक्षा को मामले की तबादला नीति के तहत समीक्षा करने का निर्देश दिया है। यह सुनवाई न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ में हुई।
याचिकाकर्ता कल्पना तिवारी की ओर से बताया गया कि उन्होंने वर्ष 1997 में सहायक अध्यापक के रूप में नियुक्ति पाई थी और 2014 में पदोन्नत होकर प्रधानाध्यापक बनीं। 4 अक्टूबर 2016 को उन्हें चयन प्रक्रिया के तहत राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय, पदमपुर सुखरोन, पौड़ी गढ़वाल में तैनात किया गया था। लेकिन 9 जून 2023 को जारी तबादला आदेश के तहत उन्हें राजकीय प्राइमरी स्कूल, भटवाड़ा भेज दिया गया, जिसे उन्होंने न्यायालय में चुनौती दी।
शिक्षिका के अधिवक्ता का कहना था कि मॉडल स्कूल के लिए चयनित शिक्षक को सामान्य स्कूल में स्थानांतरित नहीं किया जा सकता और उनके स्थान पर भी केवल चयनित शिक्षक की ही तैनाती होनी चाहिए। अदालत की समन्वय पीठ ने पहले ही 22 जून 2023 को शिक्षिका के पक्ष में अंतरिम आदेश जारी किया था, जिससे वह अभी तक अपनी पूर्व तैनाती पर बनी हुई हैं।
इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक), पौड़ी द्वारा हलफनामा दायर कर कहा गया कि प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों का एकीकृत कैडर होता है और मॉडल स्कूलों के लिए कोई अलग कैडर निर्धारित नहीं है। राज्य सरकार के अधिवक्ता ने भी यह दलील दी कि मॉडल स्कूलों के लिए चयन केवल एक ‘पूल’ (समूह) बनाने के उद्देश्य से किया जाता है, जिससे वहां तैनाती की जा सके।
अदालत ने माना कि याचिकाकर्ता का चयन मॉडल स्कूल के लिए हुआ था, लेकिन चयन के बाद उन्हें क्या विशेष अधिकार प्राप्त हैं, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। साथ ही यह भी ध्यान में आया कि बेसिक शिक्षा निदेशक को पक्षकार बनाए जाने के बावजूद उनकी ओर से कोई जवाबी हलफनामा दाखिल नहीं किया गया।
इन तथ्यों के आधार पर, अदालत ने याचिका का निपटारा करते हुए निदेशक बेसिक शिक्षा को निर्देश दिया कि वह याचिकाकर्ता के तबादले की समीक्षा लागू तबादला नीति के अनुरूप करें और आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने के छह सप्ताह के भीतर कानून के अनुसार निर्णय पारित करें।
