कांग्रेस की राजनीति के जवाब में भाजपा का प्रदेशव्यापी अभियान,30 नवंबर तक चलेगी ‘लोकतंत्र बचाओ,अराजकता हटाओ’ मुहिम
देहरादून। उत्तराखंड में राजनीतिक सरगर्मियों के बीच भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ प्रदेशव्यापी अभियान शुरू करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान की जानकारी देते हुए कांग्रेस पर जनादेश का अपमान करने, संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने और नकारात्मक राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि है, लेकिन कांग्रेस चुनाव में हार मिलने पर अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने लगती है।
भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी 22 अक्टूबर से 30 नवंबर तक दो चरणों में प्रदेश के सभी 13 जिलों में अभियान चलाएगी। इसके तहत पदयात्राओं और जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से जनता के बीच पहुंचकर लोकतांत्रिक मूल्यों, केंद्र और राज्य सरकार के विकास कार्यों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
कांग्रेस की प्रस्तावित यात्रा पर निशाना साधते हुए धामी ने कहा कि यह पहली बार नहीं है, जब कांग्रेस इस तरह की यात्रा निकाल रही है। पहले भी उसकी ‘थूकने वाली यात्रा’ निकल चुकी है और जनता उसका परिणाम देख चुकी है। उन्होंने कहा कि केवल संविधान की प्रति हाथ में लेकर घूमने से कोई संविधान का रक्षक नहीं बन जाता। संविधान के प्रति वास्तविक सम्मान उसके मूल्यों, मर्यादाओं और लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन करने से प्रदर्शित होता है।
श्रीनगर, देहरादून और रुद्रपुर में होंगी प्रमुख पदयात्राएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि अभियान के पहले चरण में 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जबकि दूसरा चरण 11 नवंबर से 30 नवंबर तक चलेगा। पहले चरण में 31 अक्टूबर को श्रीनगर गढ़वाल, 2 नवंबर को देहरादून और 3 नवंबर को रुद्रपुर में पदयात्राएं प्रस्तावित हैं। देहरादून में होने वाली पदयात्रा में 10 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की अपेक्षा जताई गई है।
उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य प्रदेश के सभी जिलों में जनता के साथ सीधा संवाद स्थापित करना और सरकार की उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाना है। भाजपा कार्यकर्ता विकास और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों पर जनता के बीच जाएंगे।
कांग्रेस अपनी हार का आत्ममंथन करे : धामी
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की चुनावी पराजयों का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी को अपनी विफलताओं के लिए दूसरों को जिम्मेदार ठहराने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा, त्रिपुरा और तमिलनाडु का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि इन राज्यों में कांग्रेस की कमजोर चुनावी स्थिति के लिए भी क्या चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया जाएगा?
धामी ने कहा कि वर्तमान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने वर्ष 2025 में पदभार संभाला, जबकि कांग्रेस की चुनावी विफलताओं का सिलसिला उससे पहले से जारी है। उनके अनुसार, चुनाव जीतने पर लोकतंत्र की जीत का दावा करना और हारने पर चुनाव आयोग समेत संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना कांग्रेस की दोहरी राजनीति को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष को सरकार की आलोचना करने का पूरा अधिकार है, लेकिन विरोध के नाम पर हिंसा, अराजकता और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाना स्वीकार्य नहीं हो सकता।
युवाओं को अराजकता की ओर धकेलना चिंताजनक
धामी ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा का इस्तेमाल शिक्षा, रोजगार, नवाचार, उद्यमिता और राष्ट्र निर्माण में होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक शक्तियां अपने हितों के लिए युवाओं को भड़काकर टकराव और अराजकता की ओर धकेलने का प्रयास कर रही हैं।
दिल्ली की हालिया घटनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने युवाओं और बच्चों को राजनीतिक उद्देश्यों के लिए आगे करने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र मजबूत है और यहां बदलाव का रास्ता हिंसा या अराजकता नहीं, बल्कि संविधान और जनता का जनादेश है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
न्याय यात्रा पर भी कांग्रेस से मांगा जवाब
कांग्रेस की प्रस्तावित न्याय यात्रा पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि अपने लंबे शासनकाल में उसने प्रदेश की जनता को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ठोस मुद्दों और तथ्यों पर जवाब देने के बजाय अपुष्ट आरोपों के माध्यम से राजनीतिक माहौल बनाने का प्रयास कर रही है।
धामी ने कहा कि यदि कांग्रेस वास्तव में न्याय के प्रति गंभीर है, तो उसे तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तराखंड की जनता भ्रामक प्रचार और सामाजिक विभाजन की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी।
वायरल ऑडियो प्रकरण की निष्पक्ष जांच पर जोर
कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह के भाई से जुड़े वायरल ऑडियो प्रकरण पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने बताया कि प्रकरण की पार्टी स्तर पर भी जांच की जा रही है, ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पीड़ित के साथ खड़ी है और किसी भी मामले में न्याय तथा निष्पक्षता सर्वोपरि है।
धामी ने कहा कि ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के जरिए भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने, जनता के सामने तथ्य रखने और विकास के मुद्दों पर संवाद करने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान, जनादेश की स्वीकार्यता और सामाजिक समरसता ही सशक्त लोकतंत्र की पहचान है।
इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, प्रदेश महामंत्री तरुण बंसल, दीप्ति रावत, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान, मीडिया सह प्रभारी राजेंद्र नेगी, राष्ट्रीय मीडिया पैनलिस्ट तथा प्रदेश प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी और कमलेश रमन सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
