धार्मिक स्थलों में श्रद्धालुओं की संख्या होगी सीमित, व्यवस्थाएं होंगी सख्त – Apnu Uttarakhand
हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में हाल ही में हुए हादसे के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या को धारण क्षमता के अनुसार सीमित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए गए हैं। सीएम ने कहा कि तीर्थ स्थलों पर व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है, जिसमें पार्किंग, ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा मानकों का पालन प्राथमिकता में रहेगा।
एफटीआई में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्थाएं मनसा देवी मंदिर समेत राज्य के सभी बड़े धार्मिक स्थलों पर सख्ती से लागू की जाएंगी। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्थलों का विस्तार और व्यवस्थागत सुधार किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कुमाऊं मंडल के अत्यधिक भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों की भी समीक्षा की। नैनीताल का कैंची धाम सबसे अधिक भीड़ वाला स्थल है, जहां रोजाना 10-12 हजार और विशेष दिनों में 1.5 लाख तक श्रद्धालु पहुंचते हैं। जागेश्वर धाम, चितई गोलू मंदिर, हाट कालिका मंदिर, पूर्णागिरी धाम, और गर्जिया माता मंदिर भी बड़ी संख्या में भक्तों को आकर्षित करते हैं। इन सभी स्थलों पर प्रशासनिक व्यवस्थाएं मजबूत की जा रही हैं।
