Friday, July 24, 2026
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गंगोत्री धाम में यात्रियों की संख्या और समय सीमा पर पाबंदी के खिलाफ तीर्थ पुरोहितों का विरोध


उत्तरकाशी जिले के गंगोत्री धाम में जिला प्रशासन की ओर से तीर्थ यात्रियों की संख्या और उनके धाम पहुंचने के समय को सीमित किए जाने के विरोध में तीर्थ पुरोहितों, होटल व्यवसायियों और व्यापारियों ने प्रतीकात्मक धरना दिया। विरोध जताते हुए उन्होंने कहा कि यात्रा तो शुरू हो गई है, लेकिन इससे स्थानीय लोगों को कोई आर्थिक लाभ नहीं मिल पा रहा है, और श्रद्धालु भी पूरी श्रद्धा के साथ दर्शन और पूजा नहीं कर पा रहे हैं।

व्यवसायियों और तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि प्रशासन सुबह 5 बजे से 9 बजे तक ही यात्रियों को गंगोत्री भेजने की अनुमति दे रहा है। इसके बाद आने वाले यात्रियों को धाम तक नहीं पहुंचने दिया जा रहा, जिससे गंगोत्री पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बेहद सीमित हो गई है। परिणामस्वरूप, यात्री धाम में रुक नहीं पा रहे, केवल दर्शन कर तुरंत लौटने को मजबूर हैं।

स्थानीय होटल व्यवसायियों और व्यापारियों ने बताया कि मॉनसून और आपदा के चलते पिछले डेढ़ महीने से कारोबार ठप है। उन्हें उम्मीद थी कि यात्रा शुरू होने के बाद आर्थिक नुकसान की कुछ भरपाई हो सकेगी, लेकिन प्रशासन के नियमों के कारण वह भी संभव नहीं हो पा रहा है। कई लोगों ने बैंक से लोन लेकर व्यवसाय शुरू किया है, और कुछ ने किराए पर प्रतिष्ठान ले रखे हैं। यदि स्थिति ऐसी ही रही, तो उन्हें भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ेगी।

इस मुद्दे को लेकर गंगोत्री मंदिर परिसर में स्थानीय लोगों ने एकत्र होकर धरना प्रदर्शन किया और प्रशासन से मांग की कि यात्रा व्यवस्था को पूर्व की भांति सुचारू किया जाए। तीर्थ पुरोहितों ने बताया कि इस संबंध में जिलाधिकारी (डीएम) से फोन पर वार्ता हुई है, जिसमें उन्हें दो दिन में व्यवस्था सामान्य करने का आश्वासन दिया गया है।

तीर्थ पुरोहितों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो पूजा-पाठ समेत सभी होटल और प्रतिष्ठान बंद कर दिए जाएंगे, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।



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