अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर सीएम धामी ने बुजुर्गों को किया सम्मानित, कई कल्याणकारी योजनाओं की दी जानकारी
देहरादून। अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र, नींबूवाला में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को वृद्धजन दिवस की शुभकामनाएं दीं और समाज में योगदान देने वाले वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने उपस्थित सभी वरिष्ठ नागरिकों को “वरिष्ठ नागरिक सम्मान संकल्प” भी दिलाया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिकों की सेवा के लिये समर्पित निशुल्क एंबुलेंस वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और वॉकथॉन रैली का उद्घाटन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज की बुनियाद हैं और उनका अनुभव युवाओं के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर बुजुर्गों के कल्याण के लिए अटल वयोअभ्युदय योजना, प्रधानमंत्री वय वंदना योजना, राष्ट्रीय वयोश्री योजना और वृद्धावस्था पेंशन योजना जैसी कई जनकल्याणकारी योजनाएं चला रही हैं। वर्तमान में राज्य के लगभग 6 लाख वरिष्ठ नागरिकों को डीबीटी के माध्यम से पेंशन प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि बागेश्वर, चमोली और उत्तरकाशी जिलों में वृद्धाश्रम संचालित हो रहे हैं, जबकि देहरादून, अल्मोड़ा और चंपावत में वृद्धाश्रमों के भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। रुद्रपुर में एक मॉडल वृद्धाश्रम की स्थापना की जा रही है और अन्य जिलों में भी निर्माण की प्रक्रिया जारी है।
इसके अलावा जेरियाट्रिक केयर गिवर प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 150 प्रशिक्षित देखभालकर्ताओं को तैयार किया जा रहा है। वहीं, 1,300 वरिष्ठ नागरिकों की निशुल्क मोतियाबिंद सर्जरी का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य में वृद्धजन अधिकारों की रक्षा के लिये भरण-पोषण अधिनियम को प्रभावी रूप से लागू किया गया है।
यह कार्यक्रम न केवल बुजुर्गों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक था, बल्कि उनके सशक्तिकरण और सुरक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
