युवा आंदोलन के दबाव में सरकार, CM धामी ने की CBI जांच की घोषणा – Apnu Uttarakhand
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की अब तक की सबसे बड़ी परीक्षा के पेपर लीक मामले ने प्रदेश में एक बड़े युवा आंदोलन को जन्म दे दिया। एक ओर सरकार लगातार हालात संभालने की कोशिश करती रही, वहीं बेरोजगार युवा अपनी मांगों पर अडिग रहे। अंततः मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को खुद युवाओं के बीच आकर सीबीआई जांच का ऐलान करना पड़ा।
शुरुआत: 21 सितंबर को उठी आवाज
21 सितंबर को बेरोजगार संघ ने परीक्षा में धांधली का आरोप लगाते हुए परीक्षा रद्द करने और सीबीआई जांच की मांग की। पहले दिन ही आयोग ने इस मामले की जांच के लिए एसटीएफ और देहरादून एसएसपी को पत्र भेजा। आयोग और पुलिस का शुरुआती दावा था कि यह “पेपर लीक” नहीं, बल्कि एक परीक्षा केंद्र पर किसी व्यक्ति विशेष की गड़बड़ी है। लेकिन बेरोजगार संघ ने इसे व्यापक पेपर लीक करार देते हुए सचिवालय कूच की घोषणा कर दी।
22 सितंबर: आंदोलन ने पकड़ा रफ्तार
22 सितंबर को युवा परेड ग्राउंड में एकत्र हुए और सचिवालय की ओर कूच की तैयारी की। पहले ऐसा लगा कि आंदोलन एक दिन में शांत हो जाएगा, लेकिन युवा वहीं डटे रहे। रातभर धरना चलता रहा और अगली सुबह तक यह मुद्दा सोशल मीडिया और मुख्यधारा मीडिया की सुर्खियां बन गया। इसी बीच मुख्यमंत्री धामी ने बयान दिया कि “नकल माफिया किसी भी कीमत पर नहीं बचेंगे।”
प्रशासनिक कदम और युवा असंतोष
24 सितंबर को मुख्यमंत्री ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया, लेकिन युवाओं ने इसे नाकाफी मानते हुए आंदोलन जारी रखा। बेरोजगार संघ का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिला, लेकिन कोई ठोस हल नहीं निकल सका। सरकार ने कई प्रयास किए युवाओं को समझाने के, लेकिन वे अपने रुख पर कायम रहे।
मुख्यमंत्री की सीधी दखल और समाधान
आंदोलन जब प्रदेशभर में फैल गया, तब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं युवाओं के बीच पहुंचकर संवाद किया और अंततः सीबीआई जांच की घोषणा की। इसके साथ ही आंदोलन को लेकर युवाओं की मुख्य मांग पूरी हुई।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो, राजनीतिक बयानबाजी भी हुई तेज
आंदोलन के दौरान कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिन पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए। सत्ता पक्ष के नेताओं ने प्रेस वार्ता कर माहौल अपने पक्ष में करने की कोशिश की, वहीं युवा आंदोलनकारियों ने भी नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी स्थिति स्पष्ट की।
